~ मेरी दुल्हन बस तू है ~

**Pic by me**
आरज़ू है दिल मे
चाहत ना बन जाए
धरकन य मेरी
मोहब्बत का रंग लाए
मुकाम है मंज़िल है
जोश है सवार
हरकत य मेरी
फ़ितरत ना बन जाए
पाना है तुझे
मेरी मंज़िल तो तू है
खुअबो की डोली पे बैठी
मेरी दुल्हन बस तू ह
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April 26th, 2007 at 3:15 pm
Hi,
शायद पहली दफा यहाँ पर आया हूँ…शायरी का यह भी एक अंदाज
अच्छा लगा…अत्यंत सरल भाव को सरल शब्दों के माध्यम से
कहना आसान नहीं होता…मेरे लिए यहाँ काफी material है…।धन्यवाद!!
April 26th, 2007 at 9:43 pm
दिव्यभ जी!
आप एक बार आए है आते रेहिएगा
आप आए … अपने विचार व्यक्त किए मन को आप के बात भी भा गई!
आप यूह भी कहे सकते है की हममे हिंदी के कठिन शब्द आते ही नही
बस आम बोली आती है तो उसी बोली मे दिल के दास्तान सुना देते है
आप का बहुत बहुत शुक्रिया!
October 21st, 2007 at 11:44 am
aarzu hai dil me
chahat na ban jaye
dhddkan yeh meri
mohabbat ka rang laye
mukam hai manzil hai
josh hai sawar
harkat yeh meri
fitrat na ban jaye
pana hai tujhe meri
manzil to tu hai
khuwabon ki doli me baithi
meri dulhan bas tu hai