05.07
2008
Na Raha aab Raaz Koi
*Pic by Tosha*
1.
यह खुशियाँ तो दिलो के मिलने से होती है
यह तसल्ली नज़रो के गहरियों मे होती है
है मोहब्बत तुम्हे न रहा अब राज़ कोई
सिलसिला-ए-मीहब्बत इकरार से शुरू होती है Read full shayari →
*Pic by Tosha*
1.
यह खुशियाँ तो दिलो के मिलने से होती है
यह तसल्ली नज़रो के गहरियों मे होती है
है मोहब्बत तुम्हे न रहा अब राज़ कोई
सिलसिला-ए-मीहब्बत इकरार से शुरू होती है Read full shayari →