05.17
2008
Teri Ankhen
महकती है तेरी आँखें
मदहोश करती है क्यो मुझे
सागर से तेरी आँखें
उंस जागती है मुझमे
तकती मुझे तेरी आँखें Read full shayari →
महकती है तेरी आँखें
मदहोश करती है क्यो मुझे
सागर से तेरी आँखें
उंस जागती है मुझमे
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