05.24
2008
Ek Paheli-Haasye Kavita

एक ज़माना था
दिल हमारा भी
मचला करता था
दिन रात खुवाबों में
ख़यालो में कोई रहता था
तब शायर-ए-इश्क़ मे Read full shayari →

एक ज़माना था
दिल हमारा भी
मचला करता था
दिन रात खुवाबों में
ख़यालो में कोई रहता था
तब शायर-ए-इश्क़ मे Read full shayari →