07.08
2008
Hai Ishq Ishq
मैने प्यार का एक दिया जलाए है, क्या खूब सुलगता है
हम तुम चाहे जल भी जाए, ये दिया सदा सुलगता रहे
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इश्क़ में तेरी ये कैसी जुदाई है आई
वक़्त की ये है कैसे रुसवाई Read full shayari →
मैने प्यार का एक दिया जलाए है, क्या खूब सुलगता है
हम तुम चाहे जल भी जाए, ये दिया सदा सुलगता रहे
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इश्क़ में तेरी ये कैसी जुदाई है आई
वक़्त की ये है कैसे रुसवाई Read full shayari →