08.15
2008
Deewani hai yeh tarasti ankhen
तेरी हूँ मैं दीवानी, न कर तू यूह मनमानी
न कर मुझे इस्कदर गुमरहा, हूँ मैं एक दीवानी Read full shayari →
तेरी हूँ मैं दीवानी, न कर तू यूह मनमानी
न कर मुझे इस्कदर गुमरहा, हूँ मैं एक दीवानी Read full shayari →