10.02
2008
Koi mere zindgi ko ek kahani dede

चिलमन में आग लगी,
है कोई मुझे पानी देदे
गुलिस्ता झुलाज़ रहा है,
कोई मुझे दो पल की रवानी देदे Read full shayari →

चिलमन में आग लगी,
है कोई मुझे पानी देदे
गुलिस्ता झुलाज़ रहा है,
कोई मुझे दो पल की रवानी देदे Read full shayari →