10.04
2008
Intezzar

बहुत करवाया तुमने इंतेज़ार
क्या प्यार का ले रहे हो तुम इम्तहान
दर्द यूँ न बढ़ाया करो Read full shayari →

बहुत करवाया तुमने इंतेज़ार
क्या प्यार का ले रहे हो तुम इम्तहान
दर्द यूँ न बढ़ाया करो Read full shayari →