World of Original Shayari and Poetry

जो बात बीन कहे सुनी है दिल ने, वो तुझे सुनने आई हूँ|

World of Original Shayari and Poetry is a place where you will find Hindi shayari and English poetry all straight from Tosha’s heart. The poetry is written in different moods and with heartfelt feelings. The poetess has been writing from a young age and believes in sharing her thoughts with everyone. Hoping someday there will be a miracle and the world will be one big happy family.

What is poetry? A short piece of imaginative writing, of a personal nature and laid out in lines is the usual answer. Will that do? Poetry definitions are difficult, as is aesthetics generally. What is distinctive and important tends to evade the qualified language in which we attempt to cover all considerations. Perhaps we could say that poetry was a responsible attempt to understand the world in human terms through literary composition.

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Archive for the ‘Shayri-e-Dard’


05.25

2008

वो क्यो मुझसे यह बात छुपाते होगे

dard

अपने प्यार अपने जज़्बात से हार गया
सब कुछ लूट के बिखर सा गया

वो कियो मेरी बात नही सुनना चाहते Read full shayari →

03.24

2008

~Dosti~

प्यार क्या है यारो
उस दोस्त से पूछो
जिसने प्यार किया
पर उस प्यार ने उसे
दोस्ती का करार दियादोस्ती क्या है प्यारो
उस इंसान से पूछो
जिसने दोस्ती के खातिर
खुद को कुर्बा किया

****************

Pyaar kya hai yaaro
us dost se pucho
jisne pyaar kiya
Par us pyaar ne use
Dosti ka karar diya

Dosti kya hai pyaaro
us insan se pucho
jisne dosti ke khatir
khud ko kurba kiya

03.24

2008

~Jise hum chahe use~

उनने चाहा हममे
है किस्मत हमारी
उनकी चाह को हम
चाह ना सके
हमे चाहे वेल हज़ार
जिसे हम चाहे उसे
पा ना सके||

***********

Unne chaha hamme
hai kismat hamari
Unki chah ko hum
Chah na sake
Hame chahe wale hazar
Jise hum chahe use
Pa na sake||

04.25

2007

मेरा सनम मुझसे जो जुदा हुआ है

मेरा सनम मुझसे जुदा हुआ है
लगता है मुझसे ख़फा खुदा हुआ है

घिर घिर काले बदल आते है
लगे बरखा का राज शुरू हुआ है

अब भाता नही चिढ़या का संगीत
मन मेरा यूह बेचैन हुआ है

आजा पिया लगाले गले
तेरे बीन सुना संसार हुआ है

नीली छतरी वाले की अजब है रीत
दिलो का बंधन अनमोल दिया है

ताना बना मिलाया इस कदर
सोचने वाला अभी भी सोच रहा है

मेरा सनम मुझसे जो जुदा हुआ है
मुझसे ज़रूर ख़फा खुदा हुआ है

04.16

2007

~ इन्ही क़ब्रो में दफ़न … मेरी लाश ~

इन्ही क़ब्रो में दफ़न
कही मेरी भी कोइ लाश होगी

संध्या पे उमीद की उजले की
तकदीर ने कहा आब सिर्फ़ रात होगी

प्यासी है येह सुखी धरति
तम्मना मेरे खून से इसकी शांत होगी

इन्हें क़ब्रो में दफ़न
कहि मेरी भी कोइ लाश होगी

चैन नही है, छेढ़ रहे है उस लाश को सब
शयद मौत के बाद भी कोइ मौत होगी

नोच के कतरा कतरा भी तसली नही मिली
इसकी भूख के खुरख नाजाने कहा जन्मी होगी

इन्ही क़ब्रो में दफ़न
कही मेरी भी कोइ लाश होगी

04.11

2007

~ ए! ज़िंदगी यूह ना उदास कर ~

अहसान लगती है ये ज़िंदगी
ए! ज़िंदगी यूह ना उदास कर
मौत भी आती नहीं
ए! ज़िंदगी यूह ना रुला
गुठ गुठ के जी रहे है हम
ए! ज़िंदगी यूह ना सता
हँसी के दो पल फ़ितरत से मिलता है
ग़म के साय मैं
हम ओझल से हो गाये
क्या करू आब उमीड़
जब हार भी ना रही
मंज़िल खो चुकी हूँ मैं
आब तो जीने की
प्यास भी ना रही
तोड़ दिया एक फूक मे
वो सपनो का
आशियाना मेरा
क्या करूँ शिखवा अब
मैने चाँद तो रीते देखा है

04.09

2007

~इस कदर मुझे कतरा कतरा यूह ना मारीए~

इस्कदार मुझे कतरा
कतरा यूह ना मारये
क़त्ल केरना ही है
तो
खंजर से वार
कीज़ेया

आहिस्ता आहीसाता तरपाने मेय
आप ख़ूब लुफ्ट उठाते
है

इन बदनासीब आहो की

आप
यूँ ना ब्दुआ लेजिए
इस्कदार मुझे
कतरा
कतरा यूँ ना
मारये

04.03

2007

- दास्तान-ए-ज़िंदगी -


ज़िंदगी हैं तो दर्द भी होगा ही
दर्द ही ना हो तो कुशी
का आहेसास होगा ही नही

पेर आब एह दर्द ब्रदास्त नही होता
क्या कहे की दिल मचलाने
दो पल को आए थी कुशी

आप अपना रंग रूप दिखा के
आपना दीवाना बनके
हमको तनहीयो मेय
इस कदर बेरूख़ी से छोड़ गयी

सोचा ना था की कुशी
को पालेने के बाद भी
इतना गुम भी मिले गा हममे कभी

आज एह दास्तान यहा लिख डाली हैं
दिल के एह आवाज़ आज
ज़ुबान पे जो हैं आई तो सही

04.03

2007

~ ख़ुद से भी ना रही कोई उम्मीद ~

ख़ुद से भी ना रही कोई उम्मीद
दफ़न है ज़ख़्मो-ओ-दर्द मे हम

तेरी मोहब्बत का गीत गुंगुनाते
मार मार के जी रहे है कही हम

सरक रहे है अँगरे नैनो से
और तार तार जाल रहे है हम

सरक रही है पैरो तले ज़मीन
फिर भी क्यो संभाल रहे है हम




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