2008
Pyaar ka yeh ahasas
प्यार का यह अहसास
कब कातिल बन जाए
प्यार के अहसास में
कब आँसू आ Read full shayari →
प्यार का यह अहसास
कब कातिल बन जाए
प्यार के अहसास में
कब आँसू आ Read full shayari →
कर दो मेरे दो
चूस लो बोटिया
है दिल एक
एक है जान
है मेरे दो जहाँ Read full shayari →

टूटे खुवाबों को पैरो तले रोंधते चले जा रहे है
खुद ही आपने कदमो के निशान साजा रहे है Read full shayari →
मैने प्यार का एक दिया जलाए है, क्या खूब सुलगता है
हम तुम चाहे जल भी जाए, ये दिया सदा सुलगता रहे
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इश्क़ में तेरी ये कैसी जुदाई है आई
वक़्त की ये है कैसे रुसवाई Read full shayari →
1. कुछ बेखरी यादें
कुछ टूटे सपने है
छोटा सा आसमान मेरा
और उमीदो की ज़मीन है
यूह तो सब कुछ है ज़िंदगी में
जिससे की मोहोब्बत दिल ने Read full shayari →
आज़ाद पंछी
जो पिंजड़े में क़ैद है
जब खोले पंख आपने
सराखो से टकराते है
खुवाब देखा थे मैने Read full shayari →
यह किस हाल मैं छोड़ गये
यह कैसी आस आखों में दे गये
न होश है न कोई खबर
इन लाबो को कैसा आहास देगाए Read full shayari →
अपने प्यार अपने जज़्बात से हार गया
सब कुछ लूट के बिखर सा गया
वो कियो मेरी बात नही सुनना चाहते Read full shayari →
नदियो का अंत है सागर
मगर सागर मे बाढ़ आती नही
बदल जाए चाहे सारा संसार
बस तू न बदलना कभी..
*
nadiyo ka ant hai sagar
magar sagar me badh aati nahi
badal jaye chahe sara sansar
bas tu na badalna kabhi..
***
क्या खुदा की इबादत करे
वो जिससे रोटी का एक टुकढा
भी नसीब नही होता
खून बेचा था उसने
तो तोफ़े मैं हथकड़ी मिली
या अल्ला! या अल्लाहा !
की खुदा उसकी दुआ सुन
इस हद तक तो न सता
उस टुकड़े के लिए
कुत्ते और उसकी जंग हो…!
*
kya khuda ki ibaadat kare
wo jisse roti ka ek tukdha
bhi nasib nahi hota
khoon becha tha usne
to thofe main hathkadi mili
ya Allha! Ya Allaha !
ki khuda uski dua sun
is had tak to na sata
us tukde ke liye
kutte aur uski jang ho…!

वो हवा का ज़ोखा छू के निकल गया
गुदगुदा के मेरे मंन को यूह सा निकल गया
छीन के मेरे सपनो को पानी वो दे गया
वो पियासा था जो दरया को रवानी दे गया Read full shayari →

*pic by me*
दिल दुखा के वो बोले उदास न राहा करो
उस दिन हाथ थमा था के रहेंगे हम सदा
बेवफ़ाई दे के बोले आज उदास न राहा करो
गुम ही गुम है, क्या मोहब्बत क्या वफ़ा
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एक अजब सा आहेसस हो रहा है
मानो आपने हे घर मे अकाली हूँ मैं
दुनिया एक अजनबी महफ़िल से लग रही है
आपने यारो को खोज रही हूँ मैं Read full shayari →
*pic by me*
तू न रहा तो क्या
तेरे अहसास है
तू बेवफा है तो क्या
सच्चा तेरा अहसास है Read full shayari →

गुज़री ज़िंदगी के लम्हो को हम तक रहे है
खेले है जो खेल ज़िंदगी ने उन्हे है भाप रहे
तक्दीर के हाथों बिखरने से ख़ुद को रोक रहे है
कही अनहोनी से अपनान आंत जोड ना बैठे
हर पल ज़िंदगी मे रंग लता है
दुख मे ख़ुशी मे, हर रंग कुछ बताता है
आज सादा सादा सफ़ेद सा लगता है समा तो क्या
उमीद का हर रंग रंगीन नज़र आता है
जानते है आज ना सही कल धूम से होली खेलेंगे
आज तूफ़नो के राग से सुर मेला ले हम
कल सूरज की गुद गुदाती गर्मी के मज़े लेंगे
ये विशवाश दिल मे सजाए हूए पल पल जी रहे है

इस्कदार मुझे कतरा
कतरा यूह ना मारये
क़त्ल केरना ही है तो
खंजर से वार कीज़ेया
आहिस्ता आहीसाता तरपाने मेय
आप ख़ूब लुफ्ट उठाते है
इन बदनासीब आहो की
आप यूँ ना ब्दुआ लेजिए
इस्कदार मुझे कतरा
कतरा यूँ ना मारये